हेल्लो,
मित्रों मैं संजय आनंद आपसे अपनी मन की वाणी कहना चाहता हूँ ,यदि त्रुटि हो तो ये मानिए कि कोई भी मनुष्य संपूर्ण नहीं है.आज इन्हीं शब्दों के साथ ,
आपका
संजय आनंद
बाग में टपके आम बीनने का मजा
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मेरे मित्र प्रोफेसर Sandeep Gupta पिछले दिनों अपने बाग के आम लेकर आए थे।
उनके साथ मैं पहले बाग देखकर आया था लेकिन तब आम कच्चे थे। बरौली से 2
किलोमीटर पहल...
1 year ago
