हेल्लो,
मित्रों मैं संजय आनंद आपसे अपनी मन की वाणी कहना चाहता हूँ ,यदि त्रुटि हो तो ये मानिए कि कोई भी मनुष्य संपूर्ण नहीं है.आज इन्हीं शब्दों के साथ ,
आपका
संजय आनंद
विश्वविद्यालय परिसर का मोहपाश
-
आज रविवार को माँ शाकुंभरी विश्वविद्यालय परिसर में सन्नाटा पसरा रहा। छुट्टी
के दिन मैं अकेला ही था। अपने आवास में बिस्तर पर लेटा हुआ लखनऊ से किसी
समाचार क...
2 weeks ago
