हेल्लो,
मित्रों मैं संजय आनंद आपसे अपनी मन की वाणी कहना चाहता हूँ ,यदि त्रुटि हो तो ये मानिए कि कोई भी मनुष्य संपूर्ण नहीं है.आज इन्हीं शब्दों के साथ ,
आपका
संजय आनंद
शुभ-विदा सहारनपुर
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प्रयागराज में कार्यभार ग्रहण करने के बाद वापस सहारनपुर आया था अपना
बोरिया-बिस्तर बांधकर ले जाने के लिए। गृहस्थी का सामान ट्रक पर लदवाकर अपने
नए ...
3 months ago

कहे सुने कछु नहीं, पहिले सफाइए देने लगे।
ReplyDeleteस्वागत है आप का और इंतजार है आप की कम्प्यूटर कलम का।
सबसे पहले आपका स्वागत है...
ReplyDeleteऔर अब हम दूसरी पोस्ट पर जाते हैं...