बाग में टपके आम बीनने का मजा
-
मेरे मित्र प्रोफेसर Sandeep Gupta पिछले दिनों अपने बाग के आम लेकर आए थे।
उनके साथ मैं पहले बाग देखकर आया था लेकिन तब आम कच्चे थे। बरौली से 2
किलोमीटर पहल...
1 year ago

विलम्ब से किया गया कार्य निष्फल होता है आर्य।
ReplyDeleteप्रतियोगिता में भाग न ले पाए तो क्या हुआ? इसे यहीं रखिए। शायद किसी सड़क के अन्धे की नज़र कभी इस ब्लॉग पर पड़ जाय और ढक्कन लग जाय।